Updated on: 02 April, 2025 05:38 PM IST | Mumbai
Hindi Mid-day Online Correspondent
पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि `नामकरण जनभावना और भारतीय संस्कृति और विरासत के अनुरूप किया जा रहा है.
पुष्कर सिंह धामी
उत्तराखंड के चार जिलों में 17 जगहों के नाम बदल दिए गए हैं. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार, देहरादून, नैनीताल और उधम सिंह नगर जिलों में विभिन्न स्थानों का नाम बदलने की घोषणा की. पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि `नामकरण जनभावना और भारतीय संस्कृति और विरासत के अनुरूप किया जा रहा है, ताकि लोग उन महापुरुषों से प्रेरणा ले सकें जिन्होंने भारतीय संस्कृति और इसके संरक्षण में योगदान दिया है.` औरंगजेबपुर, चांदपुर, खानपुर, मियांवाला, पीरवाला, अब्दुल्लापुर जैसे गांवों का नाम बदलकर अब क्रमशः शिवाजीनगर, ज्योतिबा फुले नगर, श्रीकृष्णपुर, रामजीवाला, केसरीनगर, दक्षनगर कर दिया गया है.
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को कहा कि लोग मुगल बादशाह औरंगजेब को पसंद करें या न करें, उनकी कब्र एक संरक्षित स्मारक है, लेकिन उनका महिमामंडन नहीं होने दिया जाएगा. नागपुर में पत्रकारों से बात करते हुए फडणवीस ने कहा कि "कानून के दायरे से बाहर" संरचनाओं को हटा दिया जाना चाहिए.
उन्होंने कहा, "हम औरंगजेब को पसंद करें या न करें, उनकी कब्र एक संरक्षित स्मारक है. हम किसी को भी उनका महिमामंडन नहीं करने देंगे." दक्षिणपंथी संगठन छत्रपति संभाजीनगर जिले के खुल्ताबाद शहर में 17वीं सदी के मुगल शासक की कब्र को हटाने की मांग कर रहे हैं. कब्र को हटाने की मांग को लेकर विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन के दौरान पवित्र शिलालेखों वाली "चादर" को जलाने की अफवाहों के कारण इस महीने की शुरुआत में नागपुर में हिंसा भड़क उठी थी.
फडणवीस ने कहा, "हम शिक्षा का भारतीयकरण कर रहे हैं. अंग्रेजों ने भारतीयों को अपना अधीनस्थ बनाने के उद्देश्य से एक शिक्षा प्रणाली शुरू की थी. शिक्षा के भारतीयकरण का कोई विरोध नहीं होना चाहिए. कोई भी देशभक्त इसका समर्थन करेगा. सोनिया गांधी को उचित जानकारी जुटानी चाहिए और इस पहल का समर्थन करना चाहिए." उन्होंने ब्रिटिश इतिहासकार टी बी मैकाले के एक पत्र का हवाला दिया जिसमें कहा गया था कि जब तक तत्कालीन शिक्षा प्रणाली में बदलाव नहीं किया जाता, अंग्रेज देश पर शासन नहीं कर पाएंगे. बैंकों में मराठी के इस्तेमाल की मांग करने वाली महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां भी अपेक्षित हो, भाषा का इस्तेमाल किया जाना चाहिए और इसमें कुछ भी गलत नहीं है. हालांकि, उन्होंने आग्रह किया कि किसी को भी कानून अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए.
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT