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महाराष्ट्र में बैंक करें मराठी भाषा का उपयोग, मनसे ने कहा- `अनादर कतई बर्दाश्त नहीं`

Updated on: 01 April, 2025 08:46 PM IST | Mumbai
Hindi Mid-day Online Correspondent | hmddigital@mid-day.com

उन्होंने शहर में एक बैंक के बाहर लगे बैनर को भी हटा दिया, क्योंकि उसमें मराठी में कोई पाठ नहीं था.

फाइल फोटो/राणे आशीष

फाइल फोटो/राणे आशीष

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को महाराष्ट्र के ठाणे जिले में बैंकों में पत्र वितरित किए, जिसमें जोर दिया गया कि ग्राहकों के साथ संवाद की प्राथमिक भाषा मराठी होनी चाहिए. एक न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने शहर में एक बैंक के बाहर लगे बैनर को भी हटा दिया, क्योंकि उसमें मराठी में कोई पाठ नहीं था. ठाणे जिले के मनसे प्रमुख अविनाश जाधव ने कहा कि बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा मराठी के प्रति अनादर को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. 

रिपोर्ट के मुताबिक गुड़ी पड़वा रैली में मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने आधिकारिक उद्देश्यों के लिए मराठी को अनिवार्य बनाने पर अपनी पार्टी के रुख को दोहराया था. राज ठाकरे ने दो दिन पहले एक उग्र भाषण दिया था, जिसमें सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने के प्रयासों पर प्रहार किया था, नदी प्रदूषण पर चिंता जताई थी और मराठी भाषा का अनादर करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी थी. 


राज ठाकरे ने लोगों से मराठी पहचान के तहत एकजुट होने का आग्रह किया था. रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा कि दैनिक बातचीत में मराठी का उपयोग किया जाना चाहिए और उन घटनाओं पर कड़ी प्रतिक्रिया की चेतावनी दी जहां इसे नजरअंदाज किया जाता है. एक निजी दूरसंचार कंपनी के प्रतिनिधि और दक्षिण मुंबई के एक स्टोर के कर्मचारी द्वारा मराठी बोलने से इनकार करने के मामलों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “मराठी का अपमान करने वाले किसी भी व्यक्ति से मनसे अपने तरीके से निपटेगी.” 


धर्म के नाम पर नदियों के प्रदूषण की आलोचना करते हुए राज ठाकरे ने कहा था, “कुंभ मेले के दौरान गंगा में डुबकी लगाने के बाद लाखों लोग बीमार पड़ गए. यह नदी या पवित्र आयोजन का अपमान करने के बारे में नहीं है, बल्कि पानी की गुणवत्ता से जुड़ी गंभीर चिंताओं को संबोधित करने के बारे में है.” महाकुंभ के बाद गंगा का एक वीडियो दिखाते हुए उन्होंने बताया कि 33,000 करोड़ रुपये खर्च किए गए, फिर भी प्रदूषण व्याप्त है. रिपोर्ट के मुताबिक मुंबई की मीठी नदी की बिगड़ती स्थिति को उजागर करते हुए उन्होंने कहा, “महाराष्ट्र में भी यही स्थिति है, जहां 55 नदियां खतरे में हैं.” “मुंबई की पांच नदियों में से चार पहले ही मर चुकी हैं और पांचवीं मरने के कगार पर है. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड क्या कर रहा है.” शासन की बात करें तो राज ठाकरे ने महायुति सरकार पर चुनावी वादों को पूरा करने में विफल रहने का आरोप लगाया, जैसे कि कृषि ऋण माफी और लड़की बहन योजना के तहत 2100 रुपये मासिक भुगतान .उन्होंने सवाल किया, "अजित पवार किसानों से बकाया चुकाने के लिए कह रहे हैं, लेकिन किए गए वादे कहां हैं."


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