Updated on: 03 April, 2025 02:32 PM IST | Mumbai
Hindi Mid-day Online Correspondent
Char Dham Yatra 2025:
Kedarnath Temple (File Pic)
चार धाम यात्रा, हिंदू धर्म में सबसे पवित्र और प्रतिष्ठित तीर्थ यात्राओं में से एक मानी जाती है. यह यात्रा हर साल उत्तराखंड के चार प्रमुख मंदिरों – यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ – के दर्शन के लिए होती है. यह आध्यात्मिकता, आस्था और आत्मिक शांति की तलाश में निकले लाखों श्रद्धालुओं का केंद्र बिंदु है.
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अगर आप 2025 में चार धाम यात्रा पर जाने की योजना बना रहे हैं, तो यहां वो सभी जरूरी जानकारियाँ हैं जो आपके लिए जानना आवश्यक है.
चार धाम यात्रा 2025 की तिथियां
>> यमुनोत्री और गंगोत्री मंदिर के कपाट: 30 अप्रैल 2025
>> केदारनाथ मंदिर के कपाट: 2 मई 2025
>> बद्रीनाथ मंदिर के कपाट: 4 मई 2025
चारों धामों के कपाट अक्टूबर के अंत या नवंबर की शुरुआत में बंद किए जाएंगे. हालांकि, बंद होने की सटीक तिथियों की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है.
चार धाम यात्रा 2025 के लिए पंजीकरण प्रक्रिया
चार धाम यात्रा के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन, दोनों माध्यमों से पंजीकरण किया जा सकता है.
ऑनलाइन पंजीकरण:
>> शुरुआत: 20 मार्च 2025 से
>> पोर्टल: registrationandtouristcare.uk.gov.in
>> ऐप: टूरिस्ट केयर उत्तराखंड (Tourist Care Uttarakhand)
ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के स्टेप्स:
>> आधिकारिक पोर्टल पर एक अकाउंट बनाएं.
>> अपनी जानकारी और आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करें.
>> यात्रा की तारीख, मार्ग और यात्रियों की संख्या चुनें.
>> रजिस्ट्रेशन स्लिप डाउनलोड करें और यात्रा के समय अपने साथ रखें.
ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन:
उत्तराखंड के चुनिंदा रजिस्ट्रेशन सेंटरों पर भी ऑफलाइन पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध है.
चार धाम मंदिरों के बारे में संक्षेप में जानकारी
1. यमुनोत्री मंदिर
>> स्थान: उत्तरकाशी जिला, उत्तराखंड
>> देवी: यमुना
>> यात्रा: जानकी चट्टी तक सड़क, फिर 5–6 किमी की ट्रैकिंग
2. गंगोत्री मंदिर
>> स्थान: गढ़वाल हिमालय
>> देवी: गंगा
>> सुविधा: सीधा सड़क मार्ग उपलब्ध
3. केदारनाथ मंदिर
>> स्थान: रुद्रप्रयाग जिला
>> देवता: भगवान शिव (12 ज्योतिर्लिंगों में से एक)
>> यात्रा: गौरीकुंड तक सड़क, फिर 14–16 किमी ट्रैकिंग
4. बद्रीनाथ मंदिर
>> स्थान: अलकनंदा नदी के किनारे
>> देवता: भगवान विष्णु
>> सुविधा: अच्छी सड़क कनेक्टिविटी
चार धाम यात्रा सिर्फ एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक अनुभव है. अगर आप 2025 में इस पावन यात्रा का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो पंजीकरण समय पर करें और जरूरी दस्तावेज़ साथ रखें.
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